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पाकिस्तान में बदलता राजनीतिक परिदृश्य

उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 62(1)(f) की पुनर्व्याख्या ने नवाज़ शरीफ के चुनाव लड़ने और सार्वजानिक पदों पर आसीन होने के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा को हटा दिया है| सुरक्षा अधिष्ठानों के परोक्ष समर्थन के कारण उनकी सत्ता में वापसी की संभावनाएं बलवती हैं|

पाकिस्तान में इसाई अल्पसंख्यकों की बढ़ती मुश्किलें: जरांवाला हमले के विशेष सन्दर्भ में

पाकिस्तान में इस्लामी चरमपंथ को मिल रहे उच्चस्तरीय राजनीतिक एवं सैन्य संरक्षण के कारण अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं और उन्हें उनके ही देश में द्वितीय श्रेणी के नागरिक का जीवन जीना पड़ रहा है|

सूचनाओं के युद्ध में सोशल मीडिया का हथियार

रूस-यूक्रेन युद्ध इस बात का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है कि कैसे सोशल मीडिया की सामग्रियों के माध्यम से, वैचारिक मूल्यों में छेड़छाड़ की कोशिश की जाती है।

पाकिस्तान में गहराते राजनीतिक संकट के बीच बढ़ता सांस्थानिक टकराव

पाकिस्तान में जारी राजनीतिक संकट एवं सांस्थानिक टकराव उसे अस्थिरता और हिंसा के एक नए दौर में ले जा रहे हैं जहाँ से वापस आना काफी चुनौती भरा होगा|